स्वतंत्रविचार 24 (रिपोर्ट :-- ओम प्रकाश वर्मा)
मुहर्रम के सादगी का त्योहार मातमी माहौल में सकुशल शान्ति पूर्ण निकाला गया।
नगरा (बलिया)। मुहर्रम के सादगी का त्योहार मातमी माहौल में सकुशल शान्ति पूर्ण वातावरण में अकीदत के साथ सम्पन्न हुआ। कोरोना काल में बाधित रहने के बाद इस वर्ष पर्व मनाने की काफी उत्सुकता रही। बड़े भाई हसन व छोटे भाई हुसैन के सहाद़त के ग़म में मनाए जाने वालू इस मुहर्रम को मुस्लिम बन्धुओं ने शहीद होने के ग़मे यादगार के रुप में सोमवार को इनके कत्ल की रात में मातमी माहौल मे नौसा मसीहा पढ़ते व खेल करतब करते हुए ताजिए के जुलूस के साथ नगर कस्बा का भ्रमण किए। फिर मंगलवार को नगर कस्बा के पश्चिम मुहलला से प्रवेश करके पूरब मुहल्ला अंजुमन हैदरिया कमेटी के मैदान में मिलान करने के पश्चात गांव के तय मार्ग से नौहा मसीहा पढ़ते हुए मातम के साथ ताज़िए के मिलान के पश्चात पूरब मुहल्ला के कर्बला व पश्चिम मुहल्ला पंचफेडवा में स्थित कर्बला में सायं दफन कर दिया गया। मुहर्रम पर प्रमुख रुप से पुरब मुहल्ले के अन्जुमन हैदरिया और पश्चिम मुहल्ले के अन्जुमन असगरिया व अंजुमन हुसैनिया सहित अन्य अखाड़ेदार कमेटी के लगभग आधे दर्जन से अधिक ताज़िए जुलूस की शक्ल में लोगों मे देखने का कौतूहल बना रहा। त्योहार को शांतिपूर्ण कराने में उपजिलाधिकारी सर्वेश कुमार यादव, क्षेत्राधिकारी एस एन वैश्य के देखरेख मे भारी पुलिस फोर्स थानाधयक्ष देवेन्द्र नाथ दुबे के नेतृत्व में लगी रही। इस मौके पर कमेटियों के अब्दुल हक, अरबाज, अमीरुललाह, भोलू, आजाद, इसहाक, सफीक अहमद, अनिल सिंह, युनूस अहमद, इस्तियाक, रिजवान, ज्वाला प्रसाद, काशीनाथ जायसवाल, अवैश हासमी, इमरान, अशोक सिंह, डीएन प्रजापति देवा भाई, अखिलेश यादव, सन्तोष सिंह, अब्दुल्लाह, खुदी पठान, चुन्नू आलम वलीमुहम्मद आदि रहे।







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