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मातमी पर्व मुहर्रम के पहली तारीख का जुलुश मोहल्ला मिल्की से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया।

 

स्वतंत्रविचार 24 (रिपोर्ट :-- दिलशाद अहमद)

मातमी पर्व मुहर्रम के पहली तारीख का जुलुश मोहल्ला मिल्की से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया।

सिकन्दरपुर (बलिया)। शनिवार की शाम मोहर्रम का चांद दिखाई देने के साथ ही इस्लामिक कैलेंडर के नए साल कि शुरुवात रविवार से हो गई। 31 जुलाई को पहली मुहर्रम हुई। इस तरह मुहर्रम की दसवीं यानी यौमे आशूरा 9 अगस्त को मनाई जाएगी,उक्त जानकारी मोहल्ले की सदारत कर रहे सदर इम्तियाज अहमद नें दी। इसी क्रम में मोहल्ला मिल्की से निकलने वाला पहली मोहर्रम का 'गोल (रात्रिकालीन जुलुश)रविवार की देर शाम को (10:00) बजे नूरानी मस्जिद स्थित बड़े चौक से निकाला गया जिसमें मिट्टी लाने की रश्म अदा करने के लिए मोहल्ले के "पांच चौकों" से  निर्धारित मार्गों से होते हुए । ढोल तासे के साथ मोहल्ला बड्ढा स्थित कर्बला पर पहुंचे तथा वहां से मिट्टी लेकर एक बार पुनः अपनें निर्धारित मार्गों से होते हुए रात्रि को 2 बजे चौक पर पहुंच कर समाप्ति की गई। इस अवसर पर मोहल्ला गन्धी, मोहम्मद बड्ढा, मोहल्ला डोमनपुरा के सदर व हजारों की संख्या में मुस्लिम बन्धुओ ने भी इस रात्रिकालीन जुलुश में हिस्सा लिया । तथा अपने अद्भुत कला का प्रदर्शन किया तथा मातम करते हुए लाठी लड़ाने की रस्म अदा की। शासन के द्वारा जुलूस पर निगरानी रखने के लिए मोहल्ले के प्रति चौक 10-10 वॉलिंटियर्स की टीम बनाई गई थी, जो समय समय पर जुलूस को कंट्रोल करने का काम कर रहे थे।। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टिकोण से क्षेत्राधिकारी सिकंदरपुर भूषण वर्मा,प्रभारी निरीक्षक सिकन्दरपुर पंकज कुमार सिंह,चौकी प्रभारी सिकन्दरपुर मुरारी मिश्रा, रईस अहमद दीवान, एसआई अखिलेश सिंह, एसओ नगरा, एसएचओ खेजूरी,एसएचओ सहतवार एसएचओ बांसडीरोड एसएचओ पकड़ी,कांस्टेबल ओम प्रकाश यादव,बृजेश राय आदि मौजूद रहे।