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9 अगस्त अर्न्तराष्ट्रीय आदिवासी दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया।

 


स्वतंत्रविचार 24 (रिपोर्ट :-- ज्ञान प्रकाश)

9 अगस्त अर्न्तराष्ट्रीय आदिवासी दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया।

बलिया।  विश्व आदिवासी दिवस गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के तत्वाधान में जिलाध्यक्ष सुमेर गोंड़ के नेतृत्व में कलेक्टेªट स्थित, अम्बेडकर संस्थान के पास मनाया गया। सर्व प्रथम बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर जी के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भीम विचारधारा जिन्दाबाद, भारतीय संविधान जिन्दाबाद, विश्व आदिवासी दिवस जिन्दाबाद के जोरदार नारे लगाये गये। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के वतौर सम्बोधित करते हुए गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री व इंडियन पीपुल्स सर्विसेज (आईपीएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविन्द गोंडवाना ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आज भारत की राष्ट्रपति आदिवासी जनजाति समुदाय की सम्मानित महिला है और 09 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के शुभ अवसर पर बलिया जिले के आदिवासी (जनजाति) गोंड़, खरवार समुदाय के लोग महामहिम राष्ट्रपति जी का अभिवादन करते हुए यह मांग करता है कि महामहिम राष्ट्रपतीय राजपत्र संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश संशोधन अधिनियम 2002 के अनुपालन में गोंड़, खरवार को अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण-पत्र सुगमतापूर्वक जारी किया जाय। अरविन्द गोंडवाना ने आगे कहा कि 25 जुलाई, 2022 को भारत की प्रथम आदिवासी महिल राष्ट्रपति के रूप में मा0 द्रौपदी मूर्मू जी शपथ लेती है और उसी दिन 25 जुलाई, 2022 को ही प्रदेश सरकार द्वारा गोंड़ जाति को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी करने हेतु शासनादेश जारी किया जाता है, इसके बावजूद भी बलिया जिले के लेखपाल व तहसीलदार द्वारा उक्त शासनादेश की घोर अवहेलना/अवमानना करते हुए गोंड़ जाति को अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। भाजपा सरकार में जिले के गोंड़, खरवार समुदाय का उत्पीड़न चरम पर है। कार्यक्रम के दौरान ही सर्वसम्मत से यह निर्णय लिया गया कि भारत के राष्ट्रपतीय राजपत्र, संविधान व शासनादेश के अनुपालन में गोंड़, खरवार जाति को अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण-पत्र जारी कराने की मांग को लेकर 31 अगस्त, 2022 को बलिया कलेक्टेªट का घेराव संविधान/शासनादेश का अनुपालन करो गोंड़, खरवार को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र जारी करो नारे का साथ किया जायेगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन व तहसील प्रशासन की होगी। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष सुमेर गोंड़ व जिला सचिव परशुराम खरवार ने संयुक्त रूप से कहा कि 09 अगस्त, 1942 अंग्रेजो भारत छोड़ों आन्दोलन के दौरान 18 अगस्त, 1942 को बैरिया थाने पर आदवासी जनजाति समुदाय के रामजन्म गोंड़ व छठ्ठू खरवार देश की आजादी के लिए अंग्रेजो की गोली खाकर शहीद हो गये और आजादी के बाद उन्हीं अमर वीर शहीदों के समुदाय के गोंड, खरवार के लोगों का उत्पीड़न चरम पर है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश महासचिव गोपाल जी खरवार ने कहा कि यदि संवैधानिक रूप से बलिया जिले के गोंड, खरवार समुदाय के लोगों को सुगमतापूर्वक अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी करना प्रारम्भ नहीं किया गया जाता है तो आगे जेल भरो आन्दोलन भी प्रारम्भ किया जायेगा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जीउत जी गोंड, संजय गोंड, शिवशंकर खरवार, सुचित गोंड, तारकेश्र गोंड, उमाशंकर गोंड, विजय शंकर गोंड, एडवोकेट अशोक गोंड, मास्टर आनन्द शंकर गोंड, गुलाब जी गोंड, रामसेवक खरवार, रंजीत गोंड निहाल, छात्रसंघ अध्यक्ष राकेश कुमार गोंड, कन्हैया गोंड, रामचन्द्र गोंड, रामनरायण गोंड, सुशील गोंड, कमला प्रसाद गोंड, परशुराम खरवार, रामनाथ खरवार दरोगा जी, बच्चालाल गोंड, ओम प्रकाश गोंड, शिवसागर गोंड, लक्ष्मण गोंड, हिरशंकर गोंड, मनोज गोंड, सुरेशा शाह, हवलदार रामआशीष गोंड, अनिल गोंड, इत्यादि लोग प्रमुख रूप से रहे।