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जर्जर भवन में नही बैठते पंचायकर्मी, कार्य प्रभावित।

 

स्वतंत्रविचार 24 (रिपोर्ट :-- ओम प्रकाश वर्मा)

जर्जर  भवन में नही बैठते पंचायकर्मी, कार्य प्रभावित।


नगरा ( बलिया) : प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट ग्राम सचिवालय का निर्माण कार्य लापरवाही के चलते परवान नही चढ पा रहा है। हालाकि मुख्यमंत्री ने सौ दिन में सचिवालय के निर्माण का कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिये हैं इसके बाद भी अधिकारी कुंभकर्णी निद्रा में सोये हुए हैं। इसका प्रमाण खनवर नेवादा के जर्जर पंचायत भवन को देखने के बाद मिल जाता है। खनवर विधायक उमाशंकर सिंह का पैतृक गांव भी है। यहां का पंचायत भवन 25 वर्ष पुराना है तथा ध्वस्त होने के कगार पर पहुंच चुका है। भयवश कोई भी पंचायतकर्मी उसमें बैठना नही चाहता। भवन कब ध्वस्त हो जायेगा कहा नही जा सकता। भवन की बाउंड्री भी नही है और न ही हैंडपंप ही लगा है।  इस गांव में पंचायत सहायक की नियुक्ति भी हो चुकी है। छह हजार प्रति माह की दर से मानदेय भी दिया जा रहा है। पंचायत भवनों को ग्राम सचिवालय के रुप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री ने कडे निर्देश दिये हैं। सचिवालय में 1.75 लाख रुपये का सामान लैपटाप, इन्वर्टर , बैट्री, कुर्सी, मेज खरीदना है। खनवर में यदि सामान खरीद भी दिया जाय तो भवन के अभाव में कहां पर रखे जायेगें। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन जर्जर होकर निष्प्रयोज्य हो चुका है। इसे ध्वस्त कराने के बाद ही नये भवन का निर्माण हो सकता है। 
ग्राम प्रधान अजय शर्मा का कहना है कि जर्जर पंचायत भवन के ध्वस्तीकरण के लिए लोकनिर्माण विभाग मे कार्यवाई चल रही है। नये भवन के निर्माण हेतु स्टीमेट व पत्रावली तैयार कर धन स्वीकृति के लिए निदेशालय को भेंजी जाएगी। धन मिलते ही नये पंचायत भवन का निर्माण करा दिया जाएगा।
फोटो- खनवर नेवादा का 25 वर्ष पुराना जर्जर पंचायत भवन