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मेरे ट्वीट में कहीं से भी जनमानस के प्रति कोई भय का माहौल उत्पन्न नहीं हुआ है - सूर्यप्रताप सिंह



दुबहड़,बलिया। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह द्वारा बलिया गंगा घाट पर 67 शवों  को बहाने एवं उसे जेसीबी मशीन से गाड़ने के संबंध में ट्वीट करने पर विगत 12 मई 2021 को बलिया कोतवाली में एफआईआर दर्ज होने के बाद विवेचना अधिकारी दुबहड़ थाना प्रभारी अनिलचंद्र तिवारी द्वारा बयान दर्ज करने के लिए 15 जून को दुबहड़ थाने बुलाया गया था। इसके क्रम में पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह मंगलवार की सुबह 4:00 बजे बलिया के लिए रवाना हुए और  शाम को 5:00 बजे बलिया पहुंचे। 

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी का सबको अधिकार है। ऐसे में मेरे द्वारा जो ट्वीट किया गया है, उसमें कहीं से भी मुकदमा दर्ज करने की स्थिति नहीं बनती है। क्योंकि मेरे ट्वीट में जिन शवों  का फोटो लगाया गया है। वह एक प्रतीकात्मक मात्र है। इसके अलावा एक ही मामले में मेरे ऊपर उत्तर प्रदेश राज्य में ही दो जगह मुकदमा दाखिल किया गया है। जबकि किसी एक अपराध में एक ही व्यक्ति पर कहीं भी एक जगह मुकदमा दाखिल किया जा सकता है।

 उन्होंने कहा कि मेरे ट्वीट में कहीं से भी जनमानस के प्रति कोई भय का माहौल उत्पन्न नहीं हुआ है। यह सीधे-सीधे मुझे परेशान करने की साजिश रची जा रही है। जबकि इस कोरोना वायरस संक्रमण काल में मेरा बयान वर्चुअल माध्यम से भी लखनऊ से ही कराया जा सकता था। लेकिन मुझे इस कोविड-19 काल के समय में भी जान बूझकर परेशान किया जा रहा है।

 उन्होंने दुबहड़ थाने पर बयान दर्ज कराने के पूर्व दुबहड़ थाने के भवन के जर्जर हालात पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह कब भंस जाए ? इसकी कोई गारंटी नहीं है। यहां तो बैठने की भी जगह नहीं है। इस जर्जर थाने में पुलिस के जवान और स्टाफ कैसे रहते होंगे ? सरकारों को इस दिशा में ठोस कार्य करने चाहिए। श्री सिंह  5:00 बजे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं सहित दर्जनों गाड़ियों से थाने पर पहुंचे। उनके साथ लगभग दर्जनों वकील भी थे। 

इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश सह प्रभारी अनूप पांडेय, डॉ शोभनाथ सिंह, मोती सिंह, एडवोकेट कमलेश यादव, जिला अध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार, सचिव अश्विनी गिरी, नगर अध्यक्ष अशोक गुप्ता, टीपू सिंह, रणविजय सिंह, अजय कुमार राय मुन्ना, एडवोकेट हरदयाल आदि उपस्थित थे।