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अधिकारियो, कर्मचारियों की लापरवाही सेकिसानों को अपनी फसल की उपज बेचने को नाकों चने चबाना पड़ रहा है



नगरा,बलिया। एक तरफ सरकार व जिले के आला अफसर किसानों के अधिक से अधिक गेहूं खरीद का दावा कर रहे है वहीं लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों की वजह से किसानों को अपनी फसल की उपज बेचने के लिए नाकों चने चबाना पड़ रहा है। विपणन केंद्र नगरा पर किसान परेशान हैं और बिचौलियों की खूब चांदी कट रही है ।

सोमवार को विपणन केंद्र पर गेहूं लदी एक दर्जन से अधिक ट्रालियां खड़ी थी। किसान अपने ट्रालियों की रखवाली कर रहे है तथा अपनी बारी के इंतजार में है। बरसात के मौसम को देखते हुए किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच गई है। 

किसान चाहते है कि जल्द से जल्द उनके फसल की तौल हो जाए ताकि वे धान की नर्सरी डालने की तैयारी कर सके। किसानों का आरोप है कि गेहूं की खरीद बिचौलियों के माध्यम से की जा रही है। वास्तविक किसानों का गेहूं नहीं लिया जा रहा है। किसानों का कहना था कि बिचौलिये 1700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं किसानों से ले रहे हैं और 1975 रुपए प्रति क्विंटल की दर से विक्रय केंद्र पर बेच रहे हैं।

 किसान बीस दिन से विपणन केंद्र पर गेहूं लदी ट्राली खड़ी कर अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। केंद्र के कर्मचारियों द्वारा उन्हें आजकल कह कर उनकी गेहूं की तौल नहीं की जा रही है, जबकि बिचौलियों के गेहूं की खरीदी रोज की जा रही है। 

किसानों का कहना है कि टोकन मिला है फिर भी निर्धारित समय पर गेहूं की खरीद नहीं हो रही है। उनका कहना है कि जिन किसानों की निजी ट्राली है, उनका तो ठीक है लेकिन जो किसान किराए पर ट्राली लिए है। उन्हें प्रतिदिन के हिसाब से ट्राली का किराया भी देना पड़ रहा है। 

ताड़ीबड़ा गांव के एक किसान अलगू चौहान ने बताया कि मेरी गेहूं लदी ट्राली एक पखवारे से केंद्र पर खड़ी है। ट्राली के टायर की हवा निकल गई है। विपणन केंद्र द्वारा रोज गेहूं तौल करने का आश्वासन मिलता है लेकिन गेहूं तौल नहीं किया जाता है।