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*लोकतंत्र के वास्ते सड़क को संसद बनाने की जरूरत :माले*



रिपोर्ट:- *मु० अहमद हुसैन ऊर्फ जमाल *



बलिया-आपात काल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को  भाकपा (माले) के कार्यकर्ताओं ने मोदी राज में जारी अघोषित आपात काल के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया तथा लोकतंत्र बहाली की मांग की। इस अवसर पर माले नेता लक्ष्मण यादव ने कहा कि आज से 45 वर्ष पूर्व कांग्रेस की इन्दिरा सरकार ने अपने विरूद्ध उभर रहें जन आन्दोलनों से डर कर तानाशाही रवैया अपनाते हुए देश में इमरजेंसी लगा कर लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कैद करवा दिया था। ठीक वही हालात आज देश में भाजपा की मोदी सरकार ने पैदा कर दिया है। हालात यह है कि देश और प्रदेश की इन भाजपा सरकारों के नीतियों के विरूद्ध कोई व्यक्ति या दल बोल रहा है तो उसके खिलाफ भाजपा सरकार दमनात्मक रवैया अपना कर उस विरोध की अवाज को दबा रही है। लोकतंत्र में सरकार की नीतियों आलोचना, धरना प्रदर्शन, नेताओं की कार्टून बनाना, व्ययंगात्मक पोस्टर लगाना आदि जनता का अधिकार है, उस अधिकार पर  भाजपा की इस फासिस्ट सरकार ने लगातार कुठाराघात कर जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। यह ताना शाही इन्दिरा की ताना शाही से बढ़़ कर है। एक पुनः तानाशाही के खिलाफ लोकतंत्र के वास्ते सड़क को ही संसद बनाने की जरूरत है। ताकि तानाशाही की दिवार गिराई जा सके।  

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रामकृष्ण यादव, लक्ष्मण यादव, मो0 युसुफ खाँ, शिवानन्द एड0, शिवविलास शाह, रमेश विन्द, खैरूल बशर, सुदामा प्रसाद, तेजनारायन, कन्हैया गोंड, राजेश गोंड, सन्तोषी तुरहा, रज्जब, सुभाष गुप्ता बुनेला प्रसाद  इत्यादि  लोग शामिल रहे।