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अंजुमन तरक़्क़ी ए उर्दू शाख बलिया के तत्वाधान में मनाई गई सर सैयद जयंती।

 


(बलिया) अंजुमन तरक्क़ी ए उर्दू शाख बलिया के कैम्प कार्यालय "दानिशकदह"परमानंदापुर बलिया में सर सैयद अहमद खान के जयंती के अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें उनके  ख़िदमात को याद करते हुए तालीमी दुनिया का अग्रदूत बताया गया। डॉ अब्दुल अव्व्ल ने उर्दू अदब में सर सैयद के योगदान को याद करते हुए  उर्दू को सरल रूप में प्रस्तुत करने व क़ाफ़िया व रदीफ़ के भूलभुलैया से आज़ाद करने का श्रेय  भी दिया।डॉ आसिफ बेलाल अंसारी ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना व उनकी क़ुर्बानियों को याद किया। नूरुल होदा लारी ने सर सैयद की लिखी पुस्तक"असबाब बग़ावत ए हिन्द" व "आसार उल सनादीद" पर तबसीरा करते हुए इसके लिखने की वजह पर रौशनी डाली। जावेद अख्तर ने इस वर्ष विश्व उर्दू दिवस वर्किंग डे होने के करण 9 नवंबर के स्थान पर 7 नवंबर रविवार को मनाने के प्रस्ताव दिया जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। कार्यक्रम हेतु टाउन इंटर कॉलेज के हाल को बूक करने की ज़िमेदारी डॉ हैदर अली खान संरक्षक अंजुमन तरक़्क़ी ए उर्दू को दी गयी।जनाब मक़बूल वाज़िद द्वारा भोपाल से उर्दू अखबार"परवाज़"प्रकाशित करने पर बधाई दी गयी। अंजुमन के पूर्व अध्यक्ष क़ामरुस्लाम के पत्नी के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में हाजी क़ुर्बान, हाजी महफूज,अब्दुल मोमिन, फतह चंद बेचैन, अबरार अहमद, इफ्तेखार अहमद ग़ाज़ी, मधुसुदन श्रीवास्तव, इसरार अहमद, मोहम्मद शमशाद, अब्दुल्ला खान, जमील अहमद, ,मुमताज़ अहमद, अल्ताफ अहमद, सैयद शाहनवाज़ आदि उपस्थित रहे। संचालन डॉ अब्दुल अव्वल व सदारत नुरुल हुदा लारी ने की।



रिपोर्ट :-- ज्ञान प्रकाश