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काफी फायदेमंद है गर्मी मे खेत की गहरी जुताईः प्रो रवि प्रकाश ।




बलिया। रबी फसलों की कटाई हो चुकी है  अगर फसलों की कटाई के बाद ढैंचा या मूंग या अन्य कोई फसल  नहीं लगा रहे हैं, तो खेतों की गहरी जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से कर कुछ समय के लिए छोड़ना मत भूलें। 

आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौधौगिक विश्वविद्यालय  कुमारगंज  अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र सोहाँव बलिया के अध्यक्ष प्रोफेसर  रवि प्रकाश मौर्य  ने  बताया कि  गर्मी में खेतों की मिट्टी पलटने वाले हल से गहरी जुताई काफी लाभदायक  होती है। *कीटों का  प्रबंधन*-  इससे जमीन के अंदर पनपने वाले कीटों के अण्डे, लार्वा , प्यूपा ,  शिशु एवं प्रौढ़ तेज धूप की गर्मी के कारण  नष्ट हो जाते हैं और फसलों पर कीटों का प्रकोप कम हो जाता है।  

*रोग प्रबंधन* -  रोग फैलाने वाले वाइरस, बैक्टीरिया, फन्गस ,निमेटोड  आदि अधिकतर  समाप्त हो जाते है।  जिसके कारण फसलों मे बीमारी लगने की संम्भवना कम रहती है। *खरपतवार प्रबंधन* -
गहरी जुताई से खरपतवार के नियंत्रण में भी मदद मिलती है। इससे गहरी जड़ों वाले खरपतवार आगे चल कर परेशानी का कारण नही बनता है जडे़ सुख जाती है , खरपतवारों मे बीज बनने से पहले नष्ट हो जाने पर जमाव नही होता है। किसानों के लिए परेशानी का कारण नहीं बनते।

*चूहाँ प्रबंधन*-  गर्मी  में चूहों की संख्या कम हो जाती है। गहरी जुताई करने से उनके द्वारा बनाये गये बिलों के साथ -साथ   खाने के लिये बिलों में चूहों द्वारा भण्डारित खाधान्न भी नष्ट हो जाता है। 

मृदा में जलधारण*  गहरी जुताई करने से बारिश का पानी धारण करने की क्षमता भी बढ़ जाती है। गर्मी में तपने के कारण मिट्टी भुरभुरी हो जाती है, जो सूखे से फसलों को बचाती है। 

फसलों की  कटाई के बाद किसान खेतों की मिट्टी पलटने वाले हल से 12 इंज तक गहरी जुताई कर छोड़ दें। इसके बाद जब धान की रोपाई,/ अन्य फसलों की बुआई  शुरू करने का समय आये तो आधुनिक  कृषि यंत्रो से जुताई करें ।