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भागवत कथा श्रवण समस्त दान,पुण्यादि कर्मों से भी बढ़कर है : पं० विनोद

 



स्वतंत्रविचार 24 (रिपोर्ट :-- पियुष सिंह)

भागवत कथा श्रवण समस्त दान,पुण्यादि कर्मों से भी बढ़कर है : पं० विनोद


रतसर (बलिया) कस्बा क्षेत्र के जनऊपुर गांव में स्थित मन कामेश्वर नाथ शिवमन्दिर परिसर में चल रहे श्री मद् भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को व्यास पीठ से काशी से पधारे भगवताचार्य पं०विनोद कुमार पाण्डेय ने कहा कि कलियुग में श्री मद् भागवत महापुराण श्रवण कल्पवृक्ष से भी बढ़कर है। क्योंकि कल्पवृक्ष मात्र तीन वस्तु अर्थ,धर्म और काम ही दे सकता है,मुक्ति और भक्ति नही दे सकता है। लेकिन श्री मद् भागवत तो दिव्य कल्पतरु है यह अर्थ,धर्म, काम के साथ-साथ भक्ति और मुक्ति प्रदान करके जीव को परम पद प्राप्त कराता है। उन्होंने कहा कि श्री मद् भागवत केवल पुस्तक नही साक्षात श्रीकृष्ण समाये हुए है। बताया कि कथा सुनना समस्त दान,व्रत तीर्थ,पुण्यादि कर्मों से बढ़कर है। भागवत पुराण की व्याख्या करते हुए श्रद्धालुओं को बताया कि भागवत के चार अक्षर इसका तात्पर्य यह है कि भा से भक्ति,ग से ज्ञान,व से वैराग्य और त से त्याग जो हमारे जीवन में प्रदान करे उसे हम भागवत कहते है। असंख्य जन्मों के पुण्यों के प्रताप से श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करने को मिलती है। स्वर्ग के देवता भी पुण्यदायिनी कथा को श्रवण करने के लिए लालायित रहते है। कथा के पूर्व मुख्य यजमान पं० सुरेन्द्र नाथ पाण्डेय एवं नरेन्द्र नाथ पाण्डेय सपत्नीक तथा आचार्य गण पं० सुरेन्द्र उपाध्याय,शिवजी पाठक एवं मुनिशंकर तिवारी ने विधि- विधान से धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए। कथा के आयोजक उमेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रतिदिन अपराह्न तीन बजे से सायं सात बजे तक श्री मद् भागवत महापुराण कथा का वाचन किया जा रहा है। इस अवसर पर रामप्रवेश पाण्डेय, सुधाकर पाण्डेय, मनोज कुमार पाण्डेय, बब्बन पाण्डेय,आदित्य नाथ पाण्डेय,शिव प्रसाद पाण्डेय,मुक्तेश्वरनाथ  आदि मौजूद रहे।




 जनऊपुर मनकेश्वरनाथ शिवमन्दिर पर प्रवचन करते पं० विनोद कुमार पाण्डेय