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नगर पंचायत होने के बाद भी विकास नहीं।

 


नगरा (बलिया)। इसके नगर पंचायत होने की खुशी क्षेत्र वासियों में एक जजून के रुप में इसलिए स्थापित हुआ कि आने वाला दौर सुनहरा अवसर लेकर आएगा मगर जब लोग विकास की गति नहीं देखते तो उन्हें पुरानी ही युग की याद आने लगती है अक्सर ही वरबश उनके मुंह से निकलने लगता कि इससे तो अच्छा प्रधानी का का समय ठीक था जिसमें गांव गली शहर की विकराल समस्याओं का समाधान होगा और वर्षों से चल रही परेशानी दूर होगी। नगर पंचायत के शहर व गांवों में जाम बजबजाती नाली, स्ट्रीट लाईट, सड़कें आज भी बयां करती देखी जाएगी की विकास कहां हो रहा है। गांव में पोखरा खोदने की योजना में एक पोखरे की हो रही खुदाई मे उसके किनारे को खोलकर पोखरे की जुताई कर दी गरीब है उसमें से मिट्टी निकाला कहां जाएगा सारी मिट्टी उसी में डाल दी गयी है। जिससे समस्या दूर क्या होगी और ही जटिल बनती जा रही है।


रिपोर्ट :-- ओम प्रकाश वर्मा