Ad Code

Responsive Advertisement

नौ दिवसीय रामकथा के पहले दिन महाराज द्वारा पंचांग पूजन, मण्डप पूजन व मण्डप प्रवेश आदि अनुष्ठान सम्पन्न कराए गए।

 


रतसर (बलिया) क्षेत्र के रतसर नगर पंचायत स्थित बीका भगत पोखरा के मन्दिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय  रामकथा के पहले दिन गुरुवार को आचार्य संतोषम कृष्णम जी महाराज द्वारा पंचांग पूजन, मण्डप पूजन व मण्डप प्रवेश आदि अनुष्ठान सम्पन्न कराए गए। इस अवसर पर  परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं का रेला दोपहर तक लगा रहा। परिक्रमा के बीच श्रद्धालुओं के जयकारों से पुरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। सान्ध्य  बेला में समाज सेवक पीयूष प्रताप सिंह ने आरती लगा कर प्रवचन का शुभारंभ किया। कथावाचक श्री भार्गव मुनीश जी महाराज के संगीतमय प्रवचन से श्रद्धालु भक्ति रस की गंगा में गोते लगाते रहे। प्रवचन में संत श्री ने बताया कि धर्म के समान कोई दुसरा सत्य नही है । आदिकाल से ही मनीषियों, ऋषियों ने पुराण, रामायण व महाभारत जैसे ग्रंथ के माध्यम से समय - समय पर धर्म के पथ पर चलने के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। इसका उदाहरण देते हुए कहा कि मानव अहिल्या ने कहा हो कि प्रभू मे तो पत्थर की हूं। मैं तो नहीं आ सकती।आप तो आ सकते हैं। भगवान ने अहिल्या का उद्धार करने चरण कृपा कर दी। भार्गव मुनीश जी ने उपस्थित भक्तों को भक्त वात्सल्य से सारोबार कर दिया। अपने प्रवचन में कहा कि गुरुकृपा तथा संत समागम से भगवत कृपा मिलती है। इस अवसर पर शमशेर बहादुर सिंह, निप्पू सिंह, सुनील पाण्डेय, गोलू शर्मा, विनोद सिंह, राजकुमार जयसवाल,संजय शर्मा, मुकेश वर्मा,बिट्टू गुप्ता,दिनेश चौरसिया आदि मौजुद रहे।


रिपोर्ट :--  पियुष सिंह