स्वतंत्रविचार 24 (रिपोर्ट :-- हाजी वकील अहमद अंसारी)
रसड़ा सीएचसी की गिरती साख देख आयुर्वेदिक चिकित्सालय छितौनी में मरीजों की भीड़ बढ़ी।
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रसड़ा (बलिया) सीएचसी रसड़ा की गिरती साख और विभागीय सहित बिचौलियों के चलते हो रही फ़जीहत देख अब अधिकतर मरीज़ अधिकतर क्षेत्रीय राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय छितौनी में पहुंच रहे हैं ,जहां लोगों को चिकित्सक का उत्तम व्यवहार व चिकित्सीय व्यवस्था सुविधाजनक ढंग से मिल रहा है। लोगों के मुताबिक इस अस्पताल में आयुर्वेदिक बेहतर दवाओं से बड़े से बड़े रोगों का भी इलाज़ भी मरीज़ बिश्वाश के साथ करा रहे हैं । एक वार्ता के दौरान इस अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ धीरज विश्वकर्मा ने कहा कि यहां के इलाज की बेहतरी का दलील यही काफी है कि यहां अस्पताल में रोज़ाना सैकड़ों मरीज़ आते हैं । यहां पर अन्य जगह की तरह जाँच कराने के नाम पर मरीज़ों को परेशान नही किये जाते ।यहां सभी तरह के मरीज़ सर्दी जुकाम और खांसी गठिया व हड्डी की समस्या के काफ़ी मरीज़ आते है स्वस्थ हो जाते है । इसी क्रम में डा०धीरज ने कहा कि आयुर्वेद में रोगों के स्थाई इलाज की समुचित व्यवस्था होती है। प्रतिदिन दर्जन आयुरक्षा इम्यूनो बूस्टिंग किट प्रदान किए जाते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने मे सहायक होती है। यहां आये मरीज़ों से पूछे जाने पर बताया गया कि जबसे यहां से दवाईयां लिए है तबसे निरन्तर आराम मिलता जा रहा है किसी तरह की कोई परेशानी नहीं महसूस होती है। एक मरीज़ ने तो ये भी कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसडा़ पर जाने पर काफी मुशक्कत के बाद मरीज़ डाक्टर के पास पहुंच पाता है उसके बाद डाक्टर साहब पहले जांच लिखते हैं और बाद में सरकारी पर्ची पर खानापूर्ति में मामूली दवा लिख कर बाकी महंगी- महंगी दवाईयां एक सादी पर्ची पर लिखकर बोलते है कि बाहर की मेडिकल स्टोर से जाकर ले लो। यह स्थिति इस आयुर्वेदिक अस्पताल में नहीं है , इसी लिए यहां मरीज़ अधिकांश आते हैं और स्वस्थ्य लाभ पाते हैं ।







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