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रसड़ा में मुंसिफ कोर्ट भेजने को लेकर बलिया में वकीलों का हड़ताल और तेज़।

 

स्वतंत्रविचार 24 (रिपोर्ट :-- अहमद हुसैन उर्फ जमाल आलम)

रसड़ा में मुंसिफ कोर्ट भेजने को लेकर बलिया में वकीलों का हड़ताल और तेज़।
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सरकार के खिलाफ़ नारेबाजी के बीच आर-पार की लड़ई  का एलान।
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बलिया। मुंसिफ न्यायालय को रसड़ा तहसील में स्थापित किए जाने के खिलाफ अधिवक्ताओं का आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि न्यायालयों के विखंडन से न्याय व्यवस्था प्रभावित होगी। ऐसे में तहसीलों में न्याय मिलने की जगह न्याय की न्याय की खरीद-फरोख्त बढ़ जाएगी। सिविल कोर्ट परिसर में करीब एक सप्ताह से चल रहे न्यायिक बहिष्कार व परिसर में चल रहे आंदोलन को संबोधित करते हुए क्रिमिनल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि हम मुंसिफ न्यायालय को तहसील में भेजे जाने के विरोध में महीनों से आंदोलनरत हैं। इसके बाद भी प्रदेश सरकार के गलत नीतियों के चलते रसड़ा तहसील में मुंसिफ न्यायालय भेज दिया गया। जबकि पहले भी रसड़ा तहसील में मुंसिफ न्यायालय भेजा गया था। लेकिन उसका हश्र काफी बुरा रहा। जिसके चलते वहां से जिला मुख्यालय पर मुंसिफ न्यायालय को स्थापित किया गया था। एक बार फिर से प्रदेश सरकार न्यायपालिका का विखंडन करने में लगी हुई है। जो न्याय की मंशा के विपरीत साबित होगी। इस मौके पर अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक मुंसिफ न्यायालय फिर से जिला मुख्यालय स्थित सिविल कोर्ट में नहीं भेज दिया जाता। हम आंदोलन करते रहेंगे बताया कि सरकार अपने भूल को सुधार ले वरना हम लोग आर-पार की लड़ाई लड़ने को विवश होंगे। इस मौके पर दी सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अंजनी पांडेय ने सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कहा कि हम लोगों ने सरकार के प्रतिनिधियों से भी मिलकर अपनी बात शासन तक पहुंचायी। लेकिन आज आज भी पहले वाली ही स्थिति है। सरकार वकीलों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। जिसका खामियाजा आने वाले दिनों में सरकार को भुगतना होगा। इस मौके पर क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार एसोसिएशन के महासचिव अखिलेश कुमार सिंह, रामजी चौबे, हरदयाल सिंह यादव, राजेश कुमार सिंह, पूर्व महासचिव ओंकार सिंह, अजय सिंह, जन्मेजय यादव सहित दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे।