स्वतंत्रविचार 24 (रिपोर्ट :-- हाजी वकील अहमद अंसारी)
अपार भीड़ के लाठियों की तड़तड़ाहट और जयकारों के साथ महान संत श्रीनाथ बाबा का रोट पूजा सम्पन्न
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पूजा में सत्ता पक्ष के सांसद, विधायक और मंत्री के नहीं पहुंचने पर लोग नाराज़
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रसड़ा (बलिया) तहसील रसड़ा क्षेत्र स्थित गांव नगपुरा टीकादेवरी श्रीनाथ मन्दिर पर मंगलवार को आयोजित ऐतिहासिक रोट लठ पूजन समारोह हज़ारों भक्तों के जयघोष व गगन भेदी जयकारों के साथ लाठियों की तड़तड़ाहट के बीच रोट पूजा शांतिपूर्वक सकुशल सम्पन्न हो गय । इस दौरान संत श्रीनाथ बाबा के भक्त व श्रद्धालुओं के समवेत पूजन से साम्प्रदायिक सद्भाव की अनुपम मिशाल देखने को मिली । परम्पराओं के अनुसार सर्वप्रथम सबेरे श्रीनाथ बाबा के समकालीन नगपुरा टीकादेवरी सूफी संत रोशन बाबा के दरगाह के साथ साथ रसड़ा , नागपुर, पटना, खेजूरी ,टिकादेवरी नगपुरा, स्थित सभी मठों पर विधि विधान से पूजा करके रोट चढाया जाता है ,जो इस साल भी परम्परा के अनुसार ही सम्पन्न हुआ ।इस अवसर पर मेला कमेटी के अध्यक्ष सुनील सिंह के अलावा विशिष्ट जनों संग सभी समुदायों के लोगों ने भक्ति भावना से पूजा अर्चना की और रोट चढ़ाया और रोटपूजन के पश्चात रसड़ा क्षेत्र के 14 कोसी लखनेश्वर के अलावा बलिया , मऊ ,गाजीपुर, आजमगढ़ बनारस, बिहार प्रात से आये लाखों भक्तों की लाठियों की तड़तड़ाहट के बीच अपने टोलियों संग प्रदर्शन करते हुए श्रीनाथ मठ नगपुरा टीकादेवरी पहुंच कर मन्दिर की परिक्रमा की और प्रसाद लेकर अपने-अपने काफिलों के साथ पुनः अपने घरों को लौट गये । विदित हो कि इस ऐतिहासिक रोट पूजन कार्यक्रम में सत्ता पक्ष के सांसदों, विधायकों और मंत्रियों के नहीं पहुंचने पर लोग काफी नाराज़ दिखे । उल्लेखनीय है कि ललगभग200 सैकड़ों वर्षों से प्रारंभ प्रत्येक वर्ष होने वाले सेंगर वंशीय ठाकुरों के श्रीनाथ बाबा रोट लठ पूजन समारोह का जनपद ही नही आसपास के जनपद के लोगो को भी बेसब्री से इंतजार रहता है । यह पहला औ अनोखा पूजनोत्सव होता है जिसमें हर क्षेत्र व गांव के लोग हज़ारों लाठियों को आपस में टकराते हुए श्रीनाथ बाबा के मठ पहुंच कर गगनभेदी जयकारों के साथ मंदिर मठ का परिक्रमा करने उपरांत मंदिर से प्रसाद लेकर अपने-अपने गावं व घरों को लौट जाते हैं ।







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