स्वतंत्रविचार 24 (रिपोर्ट :-- ओम प्रकाश वर्मा)
अतिक्रमण की जाम से लोग परेशान, हो रही परेशानी।
नगरा (बलिया)। अतिक्रमण के आगोश में आच्छादित हो चुका नगर पंचायत नगरा आय दिन जाम से कराह उठता है जिससे आम जनमानस को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। पीडब्ल्यूडी सड़क की सरहद निश्चित है मगर अधिकारियों की शिथिलता बरतने से स्थाई दुकानदार पटरी पर चढ़कर अपनी दुकान बनाकर लगाते हैं फिर फूटपाथ की दुकान सजती है उसके बाद ठेला खोमचा की दुकान लगाकर अपनी जिविका की तलाश में कुछ लोग जमा हो जाते हैं। अब आती है ग्राहको के खरीदारी के लिए वाहन सहित स्वयं के खड़े होने की बारी तो ऐसे लोग सड़क पर खड़ा होकर सामान की खरीदारी करते हैं। अब आवागमन की बारी आयी तो बड़े छोटे सभी वाहन बाइक साईकिल और ठसाठस हो जाती और पैदल तो चलना काफी कष्टदाई हो जाता है। कस्बे का पूरा बाजार मुख्य मार्ग जो चारों दिशाओं को सम्पर्क करती है से दूर दराज तक आने जाने की व्यवस्था है। बलिया में नगरा का मार्ग चतुर्दिक विकसित है जबकि यहां से होकर गोरखपुर विदेश नेपाल तक लोग सुगमता से यात्रा करते हैं। बाजार से होकर बलिया, रसड़ा, बेल्थरा रोड, सिकन्दरपुर, बरौली, मऊ से लम्बी दूरी लखनऊ दिल्ली की
भी यात्रा लोग तय करते हैं। इस जाम से बाजार सहित गांव के जल निकासी पूरी तरह प्रभावित हैं। इन सभी विषयो को संज्ञान में ले चुकी प्रदेश सरकार सूबे में बरसात से पहले अतिक्रमण से मुक्ति के लिए सरकार कमर कस चुकी है जिसका उदाहरण चलता बुलडोजर दिखाई दे रहा है। बलिया में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत नगरा में भी नगर पंचायत का बुलडोजर चलने की घोषणा होते ही लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना है अतिक्रमण से होने वाले जल जमाव की विभीषिका से निपटने मे विभत्स अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन कौन सा तरकीब अख्तियार करने की जुगत कर रहा है।







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