सिकन्दरपुर(बलिया) क्षेत्र में उफनाई सरयु नदी का जलस्तर क्रमशः नीचे भागता जा रहा है। दियारों व तटवर्ती गांवों के बाहरी भागों के खेतों में घुसा बाढ़ का पानी तेजी से नदी की ओर अग्रसर है। पिछले 24 घण्टे में करीब साढ़े तीन फ़िट जलस्तर कम हुआ है जिससे प्रभावित किसानों ने राहत की सांस लिया है।बावजूद इस के दियारों के किसानों का आवागमन अभी भी कई दिनों तक बाधित रह सकता है क्योंकि नदी की पुरानी शाखाओं और दियारों में आवागमन के मार्गों पर जमा भारी मात्रा में पानी निकलने में अभी समय लग सकता है।
पिछले दिनों हुई तेज बारिश और नेपाल द्वारा भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से एक सप्ताह पूर्व नदी जल स्तर में शुरू हुई बृद्धि मंगलवार तक जारी रहा ।इस दौरान नदी के पेट से बाहर निकल कर पानी तहसील क्षेत्र के कठौड़ा,लीलकर,सिसोटार,बसारिखपुर, गोसाईपुर,शेखपुर, खरीद,पुरुषोत्तम पट्टी,बिजलीपुर, निपनिया आदि के दियारों और गांव के बाहरी भागों में स्थित सैकड़ों बीघा क्षेत्रफल के खेतों में पानी भर गया था ।जिससे उनमें पक कर खड़ी धान तथा गन्ना व अन्य फसलें पानी में डूब गई थीं।लगातार कई दिनों तक खेतो में पानी भरा होने से उन में खड़ी अधिकांश फसल के नष्ट हो जाने की आशंका बलवती है।बाढ़ का पानी जिन खेतों में चढ़ा था अब उनमें रवी के फसलों की बुआई में भी विलम्ब होगा क्योंकि पानी हटने के बावजूद अत्यधिक नमी के चलते उनके निखरने में काफी समय लगेगा। जिससे फसलों की बुआई समय से नहीं हो पायेगा जिसका विपरीत प्रभाव पैदावार पर पड़ेगा।ग्रामपंचायत खरीद के प्रधान अवधेश यादव, पूर्व प्रधान त्रिलोकी यादव,निपनिया के प्रधान अमरेश यादव,पुरूषोत्तम पट्टी के प्रधान संजय मैनेजर ,बिजलीपुर के प्रधान बृज राज यादव उर्फ बिजलेश
सपा के वरिष्ठ नेता मुन्नीलाल यादव आदि ने बाढ़ के कारण जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं उन्हें मुआवजा देने की शासन एवं प्रशासन से मांग किया है।
रिपोर्ट :-- ज्ञान प्रकाश






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