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टीकाकरण सेन्टर से कोई नही लौट रहे निराश - मुकेश।

 



टीकाकरण में लगे कर्मचारी की कहानी उसी की जुबानी

मिर्जापुर। जनपद में पिछले दो वर्षो से कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए टीकाकरण का कार्य मंडलीय चिकित्सालय, 09 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र समेत 01 अर्बन स्वास्थ्य केन्द्र पर लगातार चलाया जा रहा है। जहां कर्मचारियों द्वारा दिन भर टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है। उनके इसी उत्साह के कारण लोग टीकाकरण कराकर घर को प्रतिदिन एक सेन्टर से लगभग 500 लौट रहे है। हांलाकि इस जंग में डाटा इन्ट्री आपरेटर और स्वास्थ्य कर्मियों का योगदान भी किसी से कम नहीं है। मंडलीय चिकित्सालय में टीकाकरण के कार्य में लगे डाटा इन्ट्री आपरेटर मुकेश के कार्यो की जितनी सराहना की जाए उतनी ही कम है क्योंकि वे सुबह तो टाइम से अस्पताल आ जाते है परन्तु उनके घर जाने का कोई समय नही होता है कभी-कभी तो रात के ग्यारह से बारह भी बज जाते है। सुबह का खाना कभी शाम को कभी-कभी तो बिना खाये दिनभर कार्य करते रहते है। कोरोना जैसी महामारी से जंग जीतने के बाद वे टीकाकरण के कार्य में तमाम चीजों का ध्यान रखा।

टीकाकरण में किसी से कोई भेदभाव नहीं रखा -मुकेश

मंडलीय चिकित्सालय में टीकाकरण के कार्य में डाटा इन्ट्री आपरेटर मुकेश को लगभग 9 माह से लगाया गया। 9 माह के अन्दर सेन्टर पर आने वालों का प्रतिदिन टीकाकरण शतप्रतिशत किया गया। इन्होने अपने सेन्टर पर आने वालों को करबढ़ लाइन लगवाकर बारी - बारी से टीकाकरण कराने का कार्य किया और आधे घण्टे के रोकने के बाद ही उनको घर के लिए जाने को कहते है। मुकेश खुद मई माह में अपनी कोरोना की जांच कराई तो उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई।  

       उन्होंने बताया कि कोविड.19 का लक्षण आम सर्दी जुकाम से भी जटिल होते हैं। इसलिए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखकर और सब सावधानियां रखकर ही इस कोरोना वायरस जैसे महामारी से लड़ा जा सकता है। आइसोलेशन में रहने के दौरान सकारात्मक रवैया रखें। समय को बिताने के लिए अपनी पसंद के अनुसार किताब पढ़नाए संगीता सुनना आदि कर सकते हैं जिससे किसी भी प्रकार का मानसिक तनाब न हो। ऐसे एक जरूरी ध्यान देने वाली बात यह है कि कोरोना वायरस किसी के प्रति कोई भेदभाव नहीं करता है। यह आज किसी और को हुआ है तो कल आपको भी हा सकता है। इसलिए कोरोना उपचाराधीन का तिरस्कार कर उससे दूरी न बनाएं। बल्कि उनका सम्मान और सहयोग करें। इससे मरीजों को बीमारी से लड़ने की ताकत मिलेगी।

मंडलीय चिकित्सालय पर टीकाकरण कराने के लिए आएं भगेसर निवासी मनोज का कहना है कि पड़री सेन्टर पर भीड़ होने के नाते टीकाकरण कराने में कठिनाई आ रही थी तभी गांव के ही राकेश से पता चला कि मंडलीय चिकित्सालय में कर्मचारियों द्वारा टीकाकरण का कार्य बहुत अच्छे तरीके से किया जा रहा है और पहुंचने वालों का टीकाकरण करके ही उनको लौटा जा रहा है तब मैं भी मंडलीय चिकित्सालय आया और टीकाकरण कराया ।

कोरोना को मात देने के लिए टीकाकरण जरूरी

मुकेश का कहना है कि तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सावधानियों को ध्यान में रखकर ही टीकाकरण कराने का कार्य करें। कोरोना को मात देने के लिए टीकाकरण जरूर कराएं कोरोना को मात दे चुके लोगों से कोरोना का कोई खतरा नहीं है।


न्यूज़ डेस्क बलिया ब्यूरो