रतसर (बलिया) बाल विकास पुष्टाहार द्वारा पहले बच्चों एवं गर्भवती / धात्री महिलाओं को पोषाहार दिया जाता था लेकिन अब नए नियम के अनुसार बच्चों में गर्भवती / धात्री महिलाओं एवं 11 वर्ष से 14 वर्ष तक स्कूल ना जाने वाली किशोरिया एवं अति कुपोषित बच्चे को चावल एवं गेहूं का वितरण किया जाएगा।
जिसमें स्वयं सहायता समूह एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के द्वारा यह वितरण होगा लेकिन गड़वार ब्लॉक के अंतर्गत रतसर में कई जगह देखने को मिला कि खाद्यान्न पहुंचे ही नहीं गरीब नवाज स्वयं सहायता समूह के लोगों ने बताया की उन्हें अनाज मिला ही नहीं है दाल और रिफाइंड मिला भी है तो वह भी आधा अधूरा बाकी कार्यालय से सफाचट हो गया है।
इसी क्रम में आज दाल और रिफाइन के पैकेट वितरण किया गया जिसमें रिफाइन के पैकेट कार्टून में कम पाए गए अधिकारियों से बात करने पर यह पता चला एक कार्टून में 30 पैकेट है लेकिन मौके पर एक कार्टून में 20 से 25 पैकेट उपलब्ध रहे कुछ तो ऐसे रहे जो छतिग्रस्त रहे स्वयं सहायता समूह की महिला सरवरी, सदरुन एवं शाहजहां ने बताया कि हमें ऐसे ही क्षतिग्रस्त कार्टून मिले थे दाल भी खुले पैकेट में आधा किलो के 15 पैकेट एवं 1 किलो के 49 पैकेट मिले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सुधा सिंह एवं सहायिका सुनीता सिंह एवं स्वयं सहायता समूह के अध्यक्ष एवं सदस्य खाद्यान्न का वितरण किए लेकिन कई महिलाओं में तो आक्रोश देखने को मिला ऐसे कार्यों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की छवि धूमिल हो रही है।।







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