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राजद ने पूर्व सांसद पप्पू यादव के गिरफ्तारी का किया विरोध,की सीबीआई जांच की मांग



सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी की आवासीय परिसर में रखे गए एंबुलेंस मामले को उजागर करने का परिणाम है पप्पू यादव की गिरफ्तारी - राजद

 मुंगेर, बिहार। 

नीतीश सरकार में तानाशाही व्यवस्था इस कदर  कायम हो गया है कि सरकार का विरोध करने वालों  या भ्रष्टाचार को उजागर करने वालों के विरुद्ध सरकारी गुंडो द्वारा  धमकी दिलवाया जा रहा है और तो और झूठा मुकदमा कर तंग,तबाह और परेशान करने की संस्कृति चालू कर दिया गया है।  यह बातें राजद के प्रदेश महासचिव प्रमोद कुमार यादव एवं पंकज यादव जिला प्रवक्ता मंटू शर्मा राज्य परिषद सदस्य शिशिर कुमार लालू ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहीं। राजद नेताओं ने कहा कि

 छपरा में एम्बुलेंस प्रकरण मामले में पूर्व सांसद पप्पू यादव ने जिस तरह भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी के आवास पर सरकारी राशि से खरीदी गई लगभग पचास एम्बुलेंस को पिछले एक साल से छिपा कर रखें जाने की मामल मामले को उजागर किया था। नेताओं ने कहा कि एम्बुलेंस के अभाव में कोरोना संक्रमितो को स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराये जाने की स्थिति में पीड़ित परिवार साइकिल पर लाश ढ़ोने को विवश है। वहीं दूसरी ओर पचास- पचास एम्बुलेंस भाजपा नेता के घर की शोभा बढ़ाने के लिए रखा  हुआ है।

नेताओं ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को साजिश के तहत गिरफ्तारी का मामला बताते हुए कहा कि  बिहार में  "अंधेर नगरी चौपट राज" के तर्ज पर भाजपा-जदयू के डबल इंजन की सरकार चल रही है।  सारे कायदे कानून को ताक पर रखकर मानो लोकतांत्रिक व्यवस्था समाप्त कर राजतंत्र  व्यवस्था कायम कर दिया जा रहा है, जब पूर्व सांसद पप्पू यादव जैसे राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा सत्ताधारी दल भाजपा के सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी के गोरखधंधो का पर्दाफाश किया गया तो शासन प्रशासन उलटे ही पूर्व सांसद पप्पू यादव के विरुद्ध झूठा आरोप लगाकर थाना में केस दर्ज करा दिया गया। इतना ही नहीं भाजपा सांसद के इशारे पर उनके गुर्गे द्वारा व्यक्तिगत अमर्यादित टिप्पणी कर जान से मारने की धमकी तक दिया गया। सारे मामले  सोसल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

जिसे देश और दुनिया के लोग देख रहे हैं। नेताओं ने कहा कि लेकिन  हमारे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कानों तक इस सनसनी खेज धटना की जानकारी तक नहीं है इसीलिए आज तक  कोई प्रतिक्रिया नहीं देना उचित नहीं समझा है जो  दुर्भाग्यपूर्ण है  , ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार  नेता विरोधी दल तेजस्वी यादव ने विधायक राम सूरत राय जिनके निजी परिसर में प्रतिबंधित शराब मिलने के बाद विधायक द्वारा सार्वजनिक रूप चुनौती दी गई  कि गांधी मैदान में फरिया लो,ऐसे मामले को भी को रफा-दफा कर दिया गया। उसी तरह भाजपा सांसद  राजीव प्रताप रूढ़ी के मामले मे देखने को मिला रही है ,

राजद नेताओं ने कहा कि एम्बुलेंस प्रकरण की जांच एवं पप्पू यादव की गिरफ्तारी की सीबीआई से कराने की मांग किया है,क्योंकि सरकार के तानाशाही रवैया से आम कार्यकर्ता सबमें हुए हैं कि सरकार के विरोध में आवाज उठाने वालों की आवाज दबाने  के लिए इस तरह की शाजिस रची जा रही है जो निंदनीय है।