सुखपुरा (बलिया) : संत यतीनाथ मंदिर पर चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन रविवार की शाम भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी राधारंग जी महाराज ने कहा कि भ्रम,जीव और भगवान के बीच सबसे बड़ी बाधा है।भगवान शिव और सती ने इस लीला के माध्यम से जगत को यह संदेश दिया कि गुरु के वचनों में श्रद्धा न हो तो मन में संशय के कारण भ्रम उत्पन्न हो जाता है और भ्रम का परिणाम बहुत ही कष्ट कारक होता है। जिस प्रकार सती कोई भ्रम के कारण ग्लानि की अग्नि,वियोग,अपमान,क्रोध और अंत में योग की अग्नि में जलना पड़ा।
इसी प्रकार जीव को भी इस समस्त अग्नियों में जलना पड़ता है। यदि सद्गुरु के वचनों में श्रद्धा रखकर परमार्थ के पथ पर चले तो निश्चित रूप से मानव का कल्याण होगा।भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि श्रद्धावान ही भगवान के निर्गुण ज्ञान को प्राप्त कर पाते हैं,तत्व को जान पाते हैं।संशय करने वालों का तो एक दिन विनाश होता ही है।हरिशंकर सिंह,राधा मोहन सिंह,रविकांत सिंह,राम नारायण सिंह,संजय वर्मा,जीऊत पांडेय,पिंटू पांडेय,फुलेना सिंह,शंभू सिंह,रामराज सिंह आदि मौजूद रहे।संचालन रमाशंकर यादव ने किया।
ब
1-सुखपुरा में प्रवचन करते स्वामी राधा रंग महाराज
2-कथा श्रवण करती महिलाएं
रिपोर्ट :-- अश्विनी सिंह








Social Plugin