नगरा (बलिया)। सिस्टम्स और सियासत बेजुबान गोवंश की ले रही जान क्षेत्र के बछईपुर स्थित गोशाला में बदस्तूर गोवशों की मौत का सिलसिला जारी है। महिनों से लगातार ठण्ड की तड़प नहीं झेल पा रहे गोवंश और दम तोड रहे हैं। न भूसा नहीं पराली नहीं पानी गोवंश के बदहाली का कारण गौशाला हो रहा है।
देखरेख के अभाव में यहां तक की इस भयंकर जाड़े में उन्हें बिना ढके ही बेतरतीब छोड़ दिया गया है जिससे गौशाला मौतशाल में तब्दील हो गया है। ऐसे जिम्मेदार कर्मचारी लगाए गये हैं कि सिस्टम को ठेंगा दिखाकर अपनी मन मर्जी मरे पशुओं को गांवों को जाने वाले रास्ते के बगल में ही गड्ढे में गिराकर बिना तोपे ही छोड़ देते हैं। यह कार्य लगातार किए जाने से दुर्गंध कभी जाता ही नही है। ऐसा किए जाने से कुत्ते वगैरह नोच नोचकर इन पशुओं के मांस के लोथडा और हड्डियों को चारों तरफ बिखेर देते हैं। एक तरफ बदबू दूसरे तरफ आवारा कुत्तों के काटने और भयंकर महामारी फैलने की आशंका से लोग काफी परेशान हैं।
जिसके कारण इस मार्ग से गांव से निकलकर लोगों का आना जा भी दुभर हो गया है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग करते चले आ रहें कि कोविड महामारी में सरकार साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें रही वहीं बछईपुर गांव के प्रधान मन्नू खरवार ने आरोप लगाया है कि कहने पर भी कर्मचारी उनके बातों पर ध्यान नही दे रहे हैं क्योंकि कर्मचारी स्थानीय गांवों के ही रहने वाले बताएं जा रहे हैं।
रिपोर्ट :-- ओम प्रकाश वर्मा






Social Plugin