स्वतंत्रविचार 24 (रिपोर्ट :-- ओम प्रकाश वर्मा)
आर्थिक मदद हेतु आक्रोशित लोगों ने धरना देकर सौंपा ज्ञापन।
नगरा (उत्तर प्रदेश)। थाना क्षेत्र के एक गाँव की खून से शनिवार को लथपथ मिली किशोरी के मामले में प्रशासन की कार्यवाही से क्षेत्रीय लोगों मे इतना आक्रोश फूटा कि लगभग सैकड़ों लोग धरने पर बैठ गये। इन लोगों का साफ कहना है कि किशोरी के साथ गैंग रेप हुआ है, वही पुलिस दुष्कर्म न होने की बात कह रही है। रविवार को अपराह्न धरनारत लोगों का कहना है कि पुलिस कार्यवाही के नाम पर डैमेज कन्ट्रोल के मुड मे खानापूर्ति कर रही है। इनका साफ कहना है कि किशोरी के आरोपियों को सख्त सजा दिलाने के लिये हम लोग आंदोलन को आगे भी चला सकते है।
धरना की खबर लगते ही जिला प्रशासन मे खलबली मच गयी। देर शाम उप जिलाधिकारी धरना स्थल पर पहुंच कर काफ़ी मान मनौवल करके इनकी मांगो को ऊपर तक पहुंचाने और घटना मे शामिल किसी भी आरोपियों को नही बख्शने के आश्वासन देकर किसी तरह धरना को खत्म कराए। लेकिन क्षेत्रीय लोगों के तेवर को देखने के बाद इतना तय लग रहा है कि स्थानीय पुलिस की मुश्किलें बढ़ने वाली है।
लोगों के बीच राजनेताओं को लेकर भी चर्चाये शुरू हो गयी है। इतनी बड़ी घटना होने के बाद न तो सत्ताधारी दल के, न ही विरोधी दल के किसी नेता ने पीड़ित परिजनों से मुलाक़ात ही की है और न ही मीडिया के माध्यम से ही अपनी संवेदना व्यक्त की है। जबकि इस घटना के बाद ब्राह्मण स्वयं सेवक संघ, क्षत्रिय महासभा भारत और युवा अधिवक्ताओ के द्वारा न सिर्फ बुलंद की गयी है बल्कि पीड़िता के इलाज के लिये आर्थिक मदद भी पहुंचायी गयी है। धरना मे सोनू सिंह, राजू सिंह चन्देल, कृपा शंकर तिवारी, मुकेश सिंह, डा पिन्टू सिंह, हरिकेश सिंह, लालू सिंह, वीरेन्द्र चौबे आदि रहे।







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