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विश्व के महान जादूगर ओपी शर्मा के कानपुर में निधन के बाद उनके पैतृक गांव नगर कोतवाली क्षेत्र के हरिपुर में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते परिजन।

 

स्वतंत्रविचार 24 (रिपोर्ट :-- अहमद हुसैन उर्फ जमाल आलम)

विश्व के महान जादूगर ओपी शर्मा के कानपुर में निधन के बाद उनके पैतृक गांव नगर कोतवाली क्षेत्र के हरिपुर में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते परिजन।

: बलिया। विश्व के महान जादूगर व बलिया के बेटा व नगर स्थित कोतवाली क्षेत्र के हरिपुर मुहल्ले निवासी ओम प्रकाश शर्मा उर्फ ओपी शर्मा 76 वर्ष का निधन कानपुर में शनिवार की रात हो गया। जिसके बाद पैतृक मुहल्ला हरिपुर सहित पुरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को एक श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान स्व ओपी शर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजली अर्पित की गई। साथ ही दो मिनट का मौन रखकर आत्मा की शान्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। स्व ओपी शर्मा के भाई नंद किशोर शर्मा ने बताया की उनका जन्म कोतवाली क्षेत्र के हरिपुर मुहल्ले में सन 1944 में हुआ था। उनके तीन पुत्र एक बेटी हैं। बताया कि उनके बड़े भाई स्व देवता नंद शर्मा से जादूगरी सीखने का प्रेरणा मिलि। उन्होने कुंवर सिंह इंटर कॉलेज में करीब छह दशक पहले जादूगरी दिखाई थी। जिसकी खूब प्रसंसा की गई। इसके बाद मुंबई ट्रेनिग के लिए गए। दो वर्ष ट्रेनिग के बाद कानपुर आए और वहां से जादूगरी की बड़े स्तर पर शुरुआत की।  कानपुर में उनके आवास से भूत बंगला से शव यात्रा निकाली गई। कहा कि उनके निधन होने से देश की क्षति हुई है। हमेशा वह पैसा के पीछे न जाकर कला को बढ़ावा देते थे। शोक संवेदना व्यक्त करने वालो में नंद किशोर शर्मा, विजय शर्मा, विनय कुमार शर्मा, हरे राम शर्मा, राहुल शर्मा, संजय शर्मा, मनोहर शर्मा, विंध्यवासिनी शर्मा,सुनील,विनोद, विनोद सिंह,  दीप नारायण ठाकुर, श्याम प्रकाश शर्मा, कमला शंकर, राजन शर्मा,मोहित, रामप्रवेश,चंद्रशेखर, रमेश शर्मा, रामजी शर्मा, ललन शर्मा, सतेंद्र शर्मा, अरूण विश्वकर्मा, छठू लाल विश्वकर्मा आदि रहे।