
स्वतंत्रविचार 24 (रिपोर्ट :-- ओम प्रकाश वर्मा)
नगरा (बलिया). दैवीय आपदा के प्रकोप से फसली ऋण पर बिमित फसल का क्षति पूर्ति दिलाए जाने के लिए किसान बैंक का चक्कर लगा रहे हैं. किसानों ने बैंक से ऋण लेकर खरीफ की फसल धान की बुवाई इस उम्मीद से किया था कि फसल का पैदावार होगा तो रोटी के साथ घर गृहस्थी का कार्य ठीक ढंग से चलेगा. मगर वर्षा के अभाव मे फसल के सुख जाने से उम्मीद पर पानी फिर गया है. क्षेत्र के खनवर नवादा के अनिल सिंह व शकुन्तला सिंह नगरा के ओमप्रकाश वर्मा सहित दर्जनों किसानों ने बैंक को प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि बोई गयी खरीफ की फसल भारी सूखा के कारण सिंचाई के अभाव मे सूख गये हैं. इसके बचाव मे क्षति के भरपाई के लिए फसल का प्रधानमंत्री फसली बीमा योजना के लीए गये फसली ऋण के तहत फसल के सूखने की स्थिति मे ऋण का बिमित कम्पनी द्वारा क्षति पूर्ति दिलाया जाय ताकि किसान अपने अगली फसल उगाने हेतु खेत की तैयारी मे सुगमता से लग सके.






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