बलिया - बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्णय ने पुनः साबित कर दिया कि कानून अंधा होता है। महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष श्रीमती रंजना पांडेय जो कि अपने संघ के कार्यों को विद्यालय कार्य के पीछे ही रखा।जिलाध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने हमारे आदरणीय बेसिक महोदय के हर आदेश को सर आंखों पर रखते हुए हर कार्य को निपुणता से सम्पूर्ण कराया।यही बेसिक महोदय श्री शिव नारायण सिंह जी के साथ सच्चाई की लड़ाई में सारे संगठनों का विरोध करके महिला संघ अकेले खड़ा रहा।लेकिन आज यही साहब खंड शिक्षा अधिकारी महोदय द्वारा बिना किसी जांच के ,बिना किसी सबूत के एक वायरल वीडियो के सहारे लिए गए निर्णय को जो कि सरासर ग़लत है। उस पर निर्णय सुनाते हुए हमारी कर्मठ शिक्षिका एवं जिलाध्यक्ष को निलंबित कर दिया।रंजना पांडेय जी को पूर्ण विश्वास था कि हमारे बेसिक शिक्षा अधिकारी बहुत ही सच्चे हैं। परन्तु आज उनके द्वारा किए गए कृत्यों से उनका मनोबल टूट गया।बड़ी आसानी से बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय ने अपना पल्ला झाड़ लिया और जांच समिति द्वारा दिए गए गलत रिपोर्ट के आधार पर निर्णय सुना दिया। जो कि अशोभनीय है आज अगर हम शांत रहे तो कल को ये सारी घटना हमारे साथ हो सकती हैं।महिला संघ चुप नहीं रहेगी।बेसिक महोदय को अपना निर्णय बदलना होगा तथा फिर से जांच करते हुए उचित निर्णय सुनाना होगा अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम आंदोलन करेंगे।
महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्षश्रीमती रंजना पांडे को माननीय जिलाधिकारी तथा जिला बेसिक शिक्षाअधिकारी से मिलकर सस्पेंशन वापसी की मांग करेंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो महिला शिक्षक संघ दरी पर बैठने को बाध्य हो जाएगी। वही महिला शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मानवेंद्र सिंह के जानमाल का खतरा बताने वाले उन्हीं के चहेते चिलकहर ब्लाक अध्यक्ष राधेश्याम सिंह और मंत्री सुरेश आजाद अपनी राजनीति की रोटी सेंक रहे है। खतरा तो इन दोनों लोगों से हमारी जिला अध्यक्ष रंजना पांडे को है। जो उन्हें धमकी दे रहे हैं। जिला महिला शिक्षक संघ अब चुप नहीं बैठेंगी। इस मौके पर मंदाकिनी द्विवेदी, चंद्रकला, अन्नू सिंह, कुमारी नीनू, सरोज सिंह, किरण भारती, रमिता ठाकुर, प्रियंका सिंह, अनिता कुमारी, शिक्षिकाएं मौजूद रही।
रिपोर्ट :-- संदीप कुमार गुप्ता






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